सदमे में है जल्लाद
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कोलकाता : अब तक 25 लोगों को फांसी के फंदे पर लटका चुका जल्लाद नाटा मल्लिक इन दिनों सदमे में है. 26 मई को उसकी पुत्रवधू उमा मल्लिक ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी. मल्लिक ने कहा कि मैंने पूरी जिंदगी खतरनाक अपराधियों को फांसी पर लटकाया है, मगर इस मौत ने मेरे दिल के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. यहां बता दें कि मल्लिक ने अंतिम फांसी धनंजय को 15 अगस्त, 2004 को दी थी.
समाचार एजेंसी वार्ता द्वारा सोमवार 28 मई को प्रसारित.
छिद्रान्वेषण...
वाकई बड़ा मार्मिक प्रसंग है. नाटा मल्लिक का प्रोफेशन ही कुछ ऐसा है, जो उसे जल्लाद बनाता है. मगर उसके भीतर भी दिल बसता है, जहां भावनाएं हैं. जाहिर है पुत्रवधू की मौत से उसकी भावनाएं आहत हुई हैं. जिसे समाज क्रूरता का प्रतीक मानता है, वह वधू की मौत पर (बिटिया की तरह) सदमे में है. जब जल्लाद को अपनी वधू की मौत का इतना दुख है तो ऐसे लोगों को क्या संज्ञा दी जाय जो अपनी वधुओं को सूली पर चढ़ा देते हैं.



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