धूम मचा रहे बाबा रामदेव
खबर आई है...
शिमला : हिमांचल प्रदेश स्कूल एक्जामिनेशन बोर्ड ने 11वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में स्वामी रामदेव की किताब को शामिल कर लिया है. एचपीएसईबी के चेयरमैन बीआर राही ने बताया है कि 11वीं कक्षा में योग को वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू करने वाले बोर्ड की विशेषज्ञ समिति ने पाठ्यक्रम में अन्य किताबों के अलावा बाबा रामदेव की किताब 'योग चिकित्सा' को भी चुना है.
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा रविवार 21 मई को जारी.
छिद्रान्वेषण...
मार्केटिंग गुरू बाबा रामदेव लगातार अपनी सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं. पहले उन्होंने टीवी चैनलों पर जगह बनाई. सुबह के समय जब चैनल की दर्शक संख्या लगभग नगण्य रहती थी, बाबा के आर्शीवाद से वह समय प्राइम टाइम सरीखा मोटी कमाई वाला हो गया.
इसके बाद उन्होंने राजनीति में दखल रखने वाले रियल स्टेट कारोबारियों को साधा. वे योग विश्वविद्यालय के आजीवन कुलपति बनाए गए. एवज में बाबा ने महानगरों व विकासशील शहरों के आसपास वीराने में कौडि़यों के भाव जमीन खरीदकर बनाई गई कालोनियों के पार्क में योग शिविर लगाए. उन्होंने टिकट ओर दवाइयां बेचकर कमाई की और कारोबारियों को अपनी कालोनियों में प्लॉट व मकान बेचने के लिए अघोषित ब्रांड एंबेसडर मिल गया.
अब बारी है पाठ्यक्रम में घुसपैठ की. अभी वे बतौर लेखक स्वीकार किए गए हैं. आगे हो सकता है 'र से रामदेव' टाइप कुछ पढ़ाया जाने लगे.
कमाल की रणनीति बनाते हैं वे...



6 खबर का असर:
यदि किसी का कोई गुण लाभ पहुचाए तो उसे स्वीकारनें मे कोई हर्ज नही। राम देव जी एक अच्छे योगाचार्य हैं।
बाबा रामदेव ऐसे ही देश के जनमानस पर छाये रहें! भारतीय जनमानस बिना पैसे के प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रहे और स्वास्थ्य लाभ करे। भारत का स्वाभिमान इसी तर्ह जागृत अवस्था में बना रहे। देश को नकलची-विचारधाराओं से छुटकारा मिले।
रामदेव के एक एक शिविर में टिकटों की बिक्री, दवाओं की बिक्री, दान दक्षिणा को मिलाकर लगभग 18 करोड़ रुपये की आय होती है। 9 लाख रुपये तो वे आयोजकों से अग्रिम ले लेते हैं। अब तक की आय 4000 करोड़ रुपये से अधिक की हो होने का अनुमान है। इसमें से कितना हिस्सा वे अपने शिष्यों को देते हैं? कितना राजनेताओं को? कितना जनता के हित में खर्च करते हैं? कौन लेगा उनका हिसाब?????
हम ललित जी से सहमत है। बाबा रामदेव को भी सुर्ख़ियों मे रहने का शौक़ है।
ललित भाई, बाबा की आय कि चिन्ता छोड़िए और प्राणायाम से नाता जोड़िए। जय हो बाबा रामदेव की।
बाबा के पैसों से हमें क्या मतलब। जो हमारे पास उसे देखें।
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