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दुनिया के हाईटेक पुस्तकालयों में शुमार 
होगी इलाहाबाद की पब्लिक लाइब्रेरी


 बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुने यूपी के आठ पुस्तकालय

इलाहाबाद पंकज विशेष

शहर की शान पब्लिक लाइब्रेरी जल्द ही दुनिया की हाईटेक लाइब्रेरियों में शुमार होने जा रही है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ) इसे अपने पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना है। संस्था राज्य सरकार के साथ मिलकर यूपी के कुल आठ पुस्तकालयों का कायाकल्प करेगी।
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन अपने एक अभियान के तहत पुस्तकालयों को संवारने का काम भी करती है। संस्था ऐसे पुस्कालय बनाना चाहती है जो आधुनिकता से लैस हो, इंटरनेट कनेक्शन हो और सभी वर्ग को कुछ न कुछ जानकारियां दे सके। इसलिए बीएमजीएफ ने बिहार और यूपी को अपने अभियान के पहले चरण में शामिल किया है। योजना में बीएमजीएफ व कई अन्य साझेदार पूंजी लगाएंगे। प्रथम, श्री सहज लिमिटेड, नैसकॉम फाउंडेशन, राजीव गांधी फाउंडेशन और डिजिटल इमपॉवरमेंट फाउंडेशन को अलग-अलग पुस्तकालयों का जिम्मा सौंपा गया है। योजना के प्रारूप पर बीएमजीएफ पिछले कई महीनों से काम कर रहा है। पिछले दिनों इन संगठनों के साथ योजना को साझा करके तय किया गया कि निगरानी व मूल्यांकन के लिए एक समान रूपरेखा होगी। यह रूपरेखा बीएमजीएफ ग्लोबल तय करेगा।
फांउडेशन का मानना है कि इन पुस्तकालयों को विकास का इंजन बनाया जा सकता है। मसलन किसान अपनी फसल के लिए, उद्यमी अपने व्यापार आदि के लिए यहां से जानकारी हासिल करे। मैक्सिको में दो तिहाई ग्रामीणों को सार्वजनिक पुस्तकालय इंटरनेट की सुविधा देते हैं। वहीं बोत्सवाना में ऐसे पुस्तकालय छोटे उद्यमियों के लिए खूब मददगार साबित हो रहे हैं।

इन पुस्तकालयों का होगा कायाकल्प
-इलाहाबाद की स्टेट सेंट्रल लाइब्र्रेरी
-उन्नाव, गाजियाबाद, रायबरेली, बाराबंकी, कानपुर, लखीमपुर व बस्ती के जिला पुस्कालय

इलाहाबाद पब्लिक लाइब्रेरी : एक परिचय
जानकार बताते हैं कि 1864 में इलाहाबाद पब्लिक लाइब्रेरी को तत्कालीन कमिश्नर लार्ड थार्नहिल और तत्कालीन कलक्टर मि. मैने की दोस्ती की याद में बनाया गया था। तब इसे थार्नहिल एंड मैने मैमोरियल लाइबे्ररी के नाम से जाना जाता था। आर रोस्कल बैने द्वारा डिजाइन की गई यह लाइब्रेरी गोथिक शैली का शानदार नमूना है। सन 1879 में इसे वर्तमान भवन में शिफ्ट कर दिया गया और स्टेट सेंट्रल लाइब्र्रेरी कहा गया। यहां लगभग 7500 पुस्तकें हैं। इसके अलावा पांडुलिपियों और जर्नल का खजाना भी है।

क्या है बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ)
बिल और मेलिंडा गेट्स ने इसकी स्थापना की है। वाशिंगटन में इसका मुख्यालय है। यह स्वास्थ्य, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार और गरीबी उन्मूलन पर काम करने वाला दुनिया की सबसे बड़ा फाडंडेशन है। ट्रस्ट से जरिए इसका संचालन होता है।

('हिन्दुस्तान' इलाहाबाद में 9 अप्रैल 2013 को प्रकाशित)

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